— आशीष
— 15 जुलाई 2020

20 जून तक राज्य के सभी पारा शिक्षकों के सर्टिफिकेट का सत्यापन कर लेना था । लेकिन राज्य के 28 हजार पारा शिक्षकों के सर्टिफिकेट का सत्यापन अब तक नहीं हो सका है । इस काम में शिथिलता बरतने वाले जिला शिक्षा अधीक्षक और प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के लिए झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद् स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग को अनुशंसा करने जा रहा है ।

जिन जिलों और प्रखंडों में कई बार अल्टीमेटम के बावजूद भी पारा शिक्षकों के सर्टिफिकेट अपडेशन व वेरिफिकेशन का काम 25% से भी कम हुआ है,  वैसे डीएसई व बीईईओ को निलंबित करने के लिए अनुशंसा करने की तैयारी विभाग कर रहा है ।

इसके लिए प्रखंडवार लिस्ट तैयार की जा रही है । हर प्रखंड में कितने पारा शिक्षक हैं, कितने का प्रमाण पत्र सत्यापित हो चुका है, इसका आंकड़ा निकाला जा रहा है। इसी आधार पर  बीईईओ पर कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी । डीएसई और बीईईओ से पहले  स्पष्टीकरण पूछा जाएगा । फिर उनका वेतन रोका जाएगा ।

बताते चलें कि 20 जून तक ही सभी पारा शिक्षकों की व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक और प्रशैक्षणिक योग्यता  के सर्टिफिकेट को पोर्टल पर अपलोड करना था । इसी तारीख तक सभी प्रमाण पत्रों को सत्यापित भी करना था । लेकिन  64923 पारा शिक्षकों में से 37842 पारा शिक्षकों का ही सर्टिफिकेट सत्यापित हो सका है ।