— प्रशांत कश्यप
— 13 जुलाई 2020

क्या आप अनुमान लगा सकते हैं कि यह महिला जो जमीन पर बैठी हजारों लाठी लिए लोगों के सामने हाथ जोड़कर भीख़ माँग रही है यह कौन है ?

यह महिला जिला मिदनापुर की एडिशनल डीएफओ पूरबी महतो हैं और जिन्होंने कर्त्तव्य पालन के लिए आदिवासियों के सामने हाथ जोड़कर बैठ गयी।

मिदनापुर जिले के लालगंज आदिवासी क्षेत्र में एक परम्परा है जिसमें हाथों में डण्डे-लाठी खुखरी , नुकीले हथियार लिए हजारों आदिवासी शिकार के लिए जंगल में जाते हैं और हज़ारों बेगुनाह मार दिए जाते हैं , इस बार भी नियत दिन हजारों आदिवासियों को महा शिकार के लिए निकलना था लेकिन वन विभाग की पूरबी ने तय कर लिया था वह इसे रोकेंगी, उन्होंने पूरे प्रयास किये, महीनों पहले से जागरूकता अभियान चलाये, कानून का भय भी दिखाया लेकिन अंत दिन कुछ भी काम न आया । पांच हजार से अधिक आदिवासी हथियार लेकर जंगल की ओर बढे जा रहे थे । पूरबी महतो ने माहौल भांपते हुए जनजाति के बुजुर्गों से एक भावनात्मक अपील की । वह जमीन पर हाथ जोड़कर बैठ गयीं और बहुत मार्मिक अपील की । उन्होंने कहा कि अपने हथियार उठाओ और मुझे भी मार दो लेकिन जब तक मेरी सांस है, मैं आपको आगे नहीं जाने दूँगी ।

पूरबी महतो की यह भावनात्मक अपील काम कर गई और बुजुर्गों के निर्णय पर सभी आदिवासी वापस लौट गए । दिल्ली से दूर इस नायिका को बहुत पहचान नहीं मिली ।टेलीग्राफ अखबार में मुझे यह छोटी सी खबर दिखी तो मुझे लगा कि पूरबी महतो का यह कार्य एक महानायिका का कार्य है । इस महानायिका पूरबी महतो को मेरा सलाम ।