— रविश कुमार (वरिष्ठ पत्रकार)
— 14 जुलाई 2020

बिहार से एक बच्चे का मैसेज आया है। हमारी उम्र के सामने बच्चा ही होगा। उसका मैसेज आप भी पढ़िए। बिहार के गृह विभाग के उप सचिव उमेश रजक जी का वीडियो वायरल हुआ था। अस्पताल के बाहर फुटपाथ पर पड़े थे। भर्ती के लिए जगह नहीं मिल रही थी। बेटे ने बताया है कि पापा का निधन हो गया। बाक़ी आप ख़ुद भी पढ़ें । कोई जवाब नहीं है।

पटना मेडिकल कालेज के ई एन टी विभाग के डॉ एन के सिंह जी का कोरोना से निधन हो गया। कोरोना योद्धा के इस निधन से भी एक मृत समाज में शायद ही हलचल हो।

बिहार में चुनावी जीत का अहंकार सर पर नाच रहा है। उस नाच में जनता अफ़ीम पी कर नाच रही है। इतने दिनों से कोरोना की तैयारियों को लेकर आवाज़ उठा रहे हैं मगर टस से मस नहीं। नीतीश कुमार कोरोना पर प्रेस कांफ्रेंस तक नहीं करते। जनता दर बदर है। जिस राज्य में एक ढंग का अस्पताल नहीं, एक कालेज नहीं वहाँ अगर आप चुनाव न जीते तो क्या जीते।

विपक्ष को हर दिन कोई गाना ट्विट करना चाहिए। जब वह सुनने जाने के लायक़ भी नहीं है तो उसे गाना ट्विट करना चाहिए।

तेरह करोड़ की आबादी का राज्य टेस्टिंग में पीछे है। इंतज़ाम में पीछे है। चुनावी जीत में सबसे आगे है। जीतो जीतो। हारी हुई जनता है। तुम चुनाव जीतो। बिछी हुई लाशें हैं। सड़कों पर भागते बिखरे मरीज़ हैं। तुम विजयी भव वत्स। विजयी भव। तुम्हीं जीतो।